आम

एक प्रकार का रसीला फल होता है। इसे भारत में फलों का राजा भी बोलते हैं। इसकी मूल प्रजाति को भारतीय आम कहते हैं, जिसका वैज्ञानिक नाम मेंगीफेरा इंडिका है। आमों की प्रजाति को मेंगीफेरा कहा जाता है। इस फल की प्रजाति पहले केवल भारतीय उपमहाद्वीप में मिलती थी, इसके बाद धीरे धीरे अन्य देशों में फैलने लगी। इसका सबसे अधिक उत्पादन भारत में होता है। यह भारत, पाकिस्तान और फिलीपींस में राष्ट्रीय फल माना जाता है और बांग्लादेश में इसके पेड़ को राष्ट्रीय पेड़ का दर्जा प्राप्त है।

संस्कृत भाषा में इसे आम्रः कहा जाता है, इसी से हिन्दी, मराठी, बंगाली, मैथिली आदि भाषाओं में इसका नाम “आम” पड़ गया। मलयालम में इसका नाम मान्न है। वर्ष 1498 में केरल में पुर्तगाली मसाला को अपने देश ले जाते थे। वहीं से आम और इसका नाम भी ले गए। वे लोग इसे मांगा बोलते थे। यूरोपीय भाषाओं में इसका नाम 1510 में पहली बार इटली भाषा में लिया गया। इसके बाद इटली भाषा से अनुवाद के दौरान ही यह फ्रांसीसी भाषा में आया और उससे होते हुए अंग्रेजी में आया, लेकिन अंत में “-ओ” का उच्चारण अभी तक स्पष्ट नहीं है कि यह कैसे आया। अतः यह कहा जा सकता है कि इन सभी भाषाओं ने मलयालम भाषा से इस शब्द को लिया।
भारतीय उपमहाद्वीप में कई हजार वर्ष पूर्व आम के बारे में लोगों को पता चल गया था और उसकी खेती की जाती थी। चौथी से पाँचवीं शताब्दी पूर्व ही यह एशिया के दक्षिण पूर्व तक पहुँच गया। दसवीं शताब्दी तक पूर्वी अफ्रीका में भी इसकी खेती शुरू हो गई। 14वीं शताब्दी में यह ब्राजील, बरमूडा, वेस्टइंडीज और मेक्सिको तक पहुँच गया।
वार्षिक किस्में

  • बंबइया
  • badam
  • तोतापरी
  • मालदा
  • पैरी
  • सफ्दर पसंद
  • सुवर्णरेखा
  • sundarja
  • सुन्दरी
  • लंगडा
  • राजापुरी
  • मध्य ऋतु किस्में
  • अलंपुर बानेशन
  • अल्फोंसो/बादामी/गुंदू/आप्पस/खडेर’
  • बंगलोरा/तोटपुरी/कॉल्लेक़्टीओं/किली-मुक्कु
  • बाँगनपलल्य/बनेशन/छपती
  • दशहरी/दशहरी अमन/निराली अमन
  • गुलाब ख़ास
  • ज़ार्दालू
  • आम्रपाली (आम)
  • वर्ष में मध्य में
  • रूमानि
  • समार्बेहिस्त/चोवसा/चौसा
  • वनरज
  • मौसम की समाप्ति पर
  • फजली
  • सफेदा लखनऊ
  • कभी-कभार फलने वाले
  • मुलगोआ
  • नीलम
    आदि अनेक किस्मे है इसीलिये तो यह फलों का राजा है।

 

डा राम पाटीदार ( कृषिभूषण,  पर्यावरणविद् )

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